अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "अल्लाह तआला का फ़रमान हैः मैं तमाम साझेदारों से अधिक, साझेदारी से बेनियाज़ हूँ। जिसने कोई काम किया और उसमें किसी को मेरा साझी ठहराया, मैं उसको और उसके साझी बनाने के कार्य को छोड़ देता हूँ।
قال -تعالى-: أنا أغنى الشركاء عن الشرك؛ من عمل عملا أشرك معي فيه غيري تركتُه وشِرْكَه. رواه مسلم.
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